बसंत पंचमी पर करें मां सरस्वती के इस मन्त्र का जाप, जानिए कब है बसंत पंचमी

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बसंत पंचमी हर साल माघ मास के शुक्ल पक्ष के पांचवें दिन यानि पंचमी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन मां सरस्वती की आराधना की जाती है. भारत के अलावा यह पर्व बांग्लादेश और नेपाल में भी बड़े उल्लास से मनाया जाता है।

माघ महीने के पांचवे दिन भगवान विष्णु और कामदेव की पूजा की जाती है. इस वजह से इसे बसंत पंचमी कहते हैं। बसंत पंचमी को श्रीपंचमी और सरस्वती पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। बसंत पंचमी के दिन को देवी सरस्वती के जन्मोत्सव के रूप में भी मनाते हैं, इस बार बसंत पंचमी 29 जनवरी को है। इस दिन मां सरस्वती के मंत्र ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः का जाप हल्दी की माला से करना शुभ माना जाता है।

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जो लोग सरस्वती के कठिन मंत्र का जप नहीं कर सक‍ते उनके लिए प्रस्तुत है मां सरस्वती का सरल अष्टाक्षर मंत्र। इस मंत्र का पाठ नित्य करने से विद्या और बुद्धि में वृद्धि होती है। यह मंत्र देवी सरस्वती का मूल मंत्र है : –
* ‘शारदा शारदाभौम्वदना। वदनाम्बुजे।
सर्वदा सर्वदास्माकमं सन्निधिमं सन्निधिमं क्रिया तू।’

* श्रीं ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा।

* ॐ ह्रीं ऐं ह्रीं सरस्वत्यै नमः।

– जब भी देवी सरस्वती की पूजा करें तथा भोग अर्पित करें तो इस मंत्र का जाप 108 बार अवश्य करें। यह मंत्र हर विद्यार्थी को परीक्षा दिलाने में और उनकी बुद्धि को पढ़ाई में एकाग्रता लाने का कार्य कर‍ता है।

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रवि पटेल खरसिया रायगढ़

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